Durga Mata Ki Aarti
Durga Mata ki aarti is a traditional devotional prayer centred on माँ दुर्गा. This page keeps the canonical aarti name, its opening line, meaning and a respectful daily practice together for devotees and families.
A quiet space for prayer, gratitude and remembranceJai Ambe Gauri
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
यहाँ पारंपरिक शीर्षक, प्रचलित मुखड़ा और एक प्रचलित मंत्र/लघु-आवाहन का संदर्भ दिया गया है। पूर्ण पाठ और मंत्र-पाठ परिवार, मंदिर, संप्रदाय और क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार बदल सकते हैं।दुर्गा माता मंत्र
ॐ दुं दुर्गायै नमः
साफ और शांत स्थान पर अपनी श्रद्धा के अनुसार 11, 21 या 108 बार जप करें।दुर्गा माता के लिए मौलिक 40-पद भक्ति रचना
दुर्गा माता का स्मरण कर, मन में जागे प्रकाश।
भक्ति, सेवा, सत्य से, जीवन हो उल्लास॥
करुणा की छाया मिले, दृढ़ हो मेरा मान।
मंगल पथ पर साथ दो, स्वीकारो यह गान॥
1. दुर्गा माता, शक्ति के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
2. तेरे स्मरण से साहस जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
3. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
करुणा का दीप हृदय में धारूँ॥
4. कर्म-पथ पर देना सहारा।
दुर्गा माता, तुम हो एकमात्र हमारा॥
5. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
6. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
7. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
8. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
9. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
10. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
11. दुर्गा माता, करुणा के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
12. तेरे स्मरण से रक्षा जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
13. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
शक्ति का दीप हृदय में धारूँ॥
14. कर्म-पथ पर देना सहारा।
दुर्गा माता, तुम हो एकमात्र हमारा॥
15. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
16. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
17. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
18. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
19. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
20. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
21. दुर्गा माता, शक्ति के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
22. तेरे स्मरण से साहस जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
23. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
करुणा का दीप हृदय में धारूँ॥
24. कर्म-पथ पर देना सहारा।
दुर्गा माता, तुम हो एकमात्र हमारा॥
25. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
26. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
27. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
28. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
29. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
30. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
31. दुर्गा माता, करुणा के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
32. तेरे स्मरण से रक्षा जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
33. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
शक्ति का दीप हृदय में धारूँ॥
34. कर्म-पथ पर देना सहारा।
दुर्गा माता, तुम हो एकमात्र हमारा॥
35. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
36. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
37. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
38. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
39. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
40. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
तन-मन-वचन सुधरें सभी, रहे सरल व्यवहार।
दुर्गा माता, चरणों में अर्पित यह, मेरा छोटा प्यार॥
What this prayer remembers
Durga aarti remembers the protective, compassionate strength that helps devotees meet fear and difficulty with courage.
How to read the aarti
Offer red flowers or a simple diya, keep the recitation steady, and let the prayer lead to one practical act of courage or kindness.
- Prepare a clean, calm place and light a diya safely.
- Take a breath, remember the deity and recite the traditional opening with attention.
- Close with gratitude and carry one value from the prayer into the day.
Aarti for the right moment
Use this prayer for Navratri, Durga puja, family worship and moments when courage is needed.
What is the traditional aarti for Durga Mata?
Jai Ambe Gauri is the traditional aarti title most commonly associated with this devotional form. Regional families may sing a different local version.
When should I read Durga Mata Ki Aarti?
Use this prayer for Navratri, Durga puja, family worship and moments when courage is needed.
What is the meaning of Durga Mata Ki Aarti?
Durga aarti remembers the protective, compassionate strength that helps devotees meet fear and difficulty with courage.