श्री
माँ लक्ष्मी50,000 monthly searches

Lakshmi Ji Ki Aarti

Lakshmi Mata ki aarti is a traditional devotional prayer centred on माँ लक्ष्मी. This page keeps the canonical aarti name, its opening line, meaning and a respectful daily practice together for devotees and families.

MahalakshmiMahalaxmiLaxmi Mata
Devotional artwork for Lakshmi Mata aartiA quiet space for prayer, gratitude and remembrance
Famous traditional aartiTitle + opening

Om Jai Lakshmi Mata

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता

यहाँ पारंपरिक शीर्षक, प्रचलित मुखड़ा और एक प्रचलित मंत्र/लघु-आवाहन का संदर्भ दिया गया है। पूर्ण पाठ और मंत्र-पाठ परिवार, मंदिर, संप्रदाय और क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार बदल सकते हैं।
Mantra

लक्ष्मी माता मंत्र

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः

साफ और शांत स्थान पर अपनी श्रद्धा के अनुसार 11, 21 या 108 बार जप करें।
Chalisa / भक्ति रचनाOriginal composition

लक्ष्मी माता के लिए मौलिक 40-पद भक्ति रचना

लक्ष्मी माता का स्मरण कर, मन में जागे प्रकाश।

भक्ति, सेवा, सत्य से, जीवन हो उल्लास॥

करुणा की छाया मिले, दृढ़ हो मेरा मान।

मंगल पथ पर साथ दो, स्वीकारो यह गान॥

1. लक्ष्मी माता, समृद्धि के दाता।

मन में जगाओ शुभ विचार॥

2. तेरे स्मरण से शुचिता जागे।

जीवन के तम सब दूर भागे॥

3. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।

संतुलन का दीप हृदय में धारूँ॥

4. कर्म-पथ पर देना सहारा।

लक्ष्मी माता, तुम हो एकमात्र हमारा॥

5. लोभ-भय से मन को बचाना।

सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥

6. घर-आंगन में मंगल लाना।

दीन जनों को गले लगाना॥

7. बुद्धि, बल और धीरज देना।

अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥

8. दुख में रखना मन को स्थिर।

सुख में रखना भाव समुचित॥

9. जिनके जीवन में है अँधियारा।

उनके लिए बनो तुम तारा॥

10. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।

सेवा से हो पंथ उजियारा॥

11. लक्ष्मी माता, संतुलन के दाता।

मन में जगाओ शुभ विचार॥

12. तेरे स्मरण से कृतज्ञता जागे।

जीवन के तम सब दूर भागे॥

13. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।

समृद्धि का दीप हृदय में धारूँ॥

14. कर्म-पथ पर देना सहारा।

लक्ष्मी माता, तुम हो एकमात्र हमारा॥

15. लोभ-भय से मन को बचाना।

सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥

16. घर-आंगन में मंगल लाना।

दीन जनों को गले लगाना॥

17. बुद्धि, बल और धीरज देना।

अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥

18. दुख में रखना मन को स्थिर।

सुख में रखना भाव समुचित॥

19. जिनके जीवन में है अँधियारा।

उनके लिए बनो तुम तारा॥

20. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।

सेवा से हो पंथ उजियारा॥

21. लक्ष्मी माता, समृद्धि के दाता।

मन में जगाओ शुभ विचार॥

22. तेरे स्मरण से शुचिता जागे।

जीवन के तम सब दूर भागे॥

23. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।

संतुलन का दीप हृदय में धारूँ॥

24. कर्म-पथ पर देना सहारा।

लक्ष्मी माता, तुम हो एकमात्र हमारा॥

25. लोभ-भय से मन को बचाना।

सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥

26. घर-आंगन में मंगल लाना।

दीन जनों को गले लगाना॥

27. बुद्धि, बल और धीरज देना।

अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥

28. दुख में रखना मन को स्थिर।

सुख में रखना भाव समुचित॥

29. जिनके जीवन में है अँधियारा।

उनके लिए बनो तुम तारा॥

30. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।

सेवा से हो पंथ उजियारा॥

31. लक्ष्मी माता, संतुलन के दाता।

मन में जगाओ शुभ विचार॥

32. तेरे स्मरण से कृतज्ञता जागे।

जीवन के तम सब दूर भागे॥

33. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।

समृद्धि का दीप हृदय में धारूँ॥

34. कर्म-पथ पर देना सहारा।

लक्ष्मी माता, तुम हो एकमात्र हमारा॥

35. लोभ-भय से मन को बचाना।

सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥

36. घर-आंगन में मंगल लाना।

दीन जनों को गले लगाना॥

37. बुद्धि, बल और धीरज देना।

अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥

38. दुख में रखना मन को स्थिर।

सुख में रखना भाव समुचित॥

39. जिनके जीवन में है अँधियारा।

उनके लिए बनो तुम तारा॥

40. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।

सेवा से हो पंथ उजियारा॥

तन-मन-वचन सुधरें सभी, रहे सरल व्यवहार।

लक्ष्मी माता, चरणों में अर्पित यह, मेरा छोटा प्यार॥

यह Bharat Metro Locator के लिए लिखी गई मौलिक भक्ति-रचना है। यह किसी पारंपरिक या सर्वमान्य चालीसा का दावा नहीं करती; पाठक अपने परिवार, मंदिर या गुरु की प्रमाणित परंपरा को प्राथमिकता दें।
Meaning

What this prayer remembers

The aarti expresses gratitude for abundance, honest work, nourishment and the prosperity that supports dharmic living.

Simple puja vidhi

How to read the aarti

Keep the puja space clean, light a ghee diya, offer lotus or other fresh flowers, and recite without treating prosperity as a substitute for effort.

  1. Prepare a clean, calm place and light a diya safely.
  2. Take a breath, remember the deity and recite the traditional opening with attention.
  3. Close with gratitude and carry one value from the prayer into the day.
When to read

Aarti for the right moment

Read this aarti during evening worship, Diwali Lakshmi puja and Friday devotional practice.

Common questions
What is the traditional aarti for Lakshmi Mata?

Om Jai Lakshmi Mata is the traditional aarti title most commonly associated with this devotional form. Regional families may sing a different local version.

When should I read Lakshmi Ji Ki Aarti?

Read this aarti during evening worship, Diwali Lakshmi puja and Friday devotional practice.

What is the meaning of Lakshmi Ji Ki Aarti?

The aarti expresses gratitude for abundance, honest work, nourishment and the prosperity that supports dharmic living.