कृ
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Krishna Ji Ki Aarti

Krishna Ji ki aarti is a traditional devotional prayer centred on श्री कृष्ण. This page keeps the canonical aarti name, its opening line, meaning and a respectful daily practice together for devotees and families.

Kunj BihariGovindaGopal
Devotional artwork for Krishna Ji aartiA quiet space for prayer, gratitude and remembrance
Famous traditional aartiTitle + opening

Aarti Kunj Bihari Ki

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की

यहाँ पारंपरिक शीर्षक, प्रचलित मुखड़ा और एक प्रचलित मंत्र/लघु-आवाहन का संदर्भ दिया गया है। पूर्ण पाठ और मंत्र-पाठ परिवार, मंदिर, संप्रदाय और क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार बदल सकते हैं।
Mantra

श्री कृष्ण मंत्र

ॐ क्लीं कृष्णाय नमः

साफ और शांत स्थान पर अपनी श्रद्धा के अनुसार 11, 21 या 108 बार जप करें।
Chalisa / भक्ति रचनाOriginal composition

श्री कृष्ण के लिए मौलिक 40-पद भक्ति रचना

श्री कृष्ण का स्मरण कर, मन में जागे प्रकाश।

भक्ति, सेवा, सत्य से, जीवन हो उल्लास॥

करुणा की छाया मिले, दृढ़ हो मेरा मान।

मंगल पथ पर साथ दो, स्वीकारो यह गान॥

1. श्री कृष्ण, प्रेम के दाता।

मन में जगाओ शुभ विचार॥

2. तेरे स्मरण से माधुर्य जागे।

जीवन के तम सब दूर भागे॥

3. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।

नीति का दीप हृदय में धारूँ॥

4. कर्म-पथ पर देना सहारा।

श्री कृष्ण, तुम हो एकमात्र हमारा॥

5. लोभ-भय से मन को बचाना।

सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥

6. घर-आंगन में मंगल लाना।

दीन जनों को गले लगाना॥

7. बुद्धि, बल और धीरज देना।

अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥

8. दुख में रखना मन को स्थिर।

सुख में रखना भाव समुचित॥

9. जिनके जीवन में है अँधियारा।

उनके लिए बनो तुम तारा॥

10. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।

सेवा से हो पंथ उजियारा॥

11. श्री कृष्ण, नीति के दाता।

मन में जगाओ शुभ विचार॥

12. तेरे स्मरण से आनंद जागे।

जीवन के तम सब दूर भागे॥

13. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।

प्रेम का दीप हृदय में धारूँ॥

14. कर्म-पथ पर देना सहारा।

श्री कृष्ण, तुम हो एकमात्र हमारा॥

15. लोभ-भय से मन को बचाना।

सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥

16. घर-आंगन में मंगल लाना।

दीन जनों को गले लगाना॥

17. बुद्धि, बल और धीरज देना।

अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥

18. दुख में रखना मन को स्थिर।

सुख में रखना भाव समुचित॥

19. जिनके जीवन में है अँधियारा।

उनके लिए बनो तुम तारा॥

20. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।

सेवा से हो पंथ उजियारा॥

21. श्री कृष्ण, प्रेम के दाता।

मन में जगाओ शुभ विचार॥

22. तेरे स्मरण से माधुर्य जागे।

जीवन के तम सब दूर भागे॥

23. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।

नीति का दीप हृदय में धारूँ॥

24. कर्म-पथ पर देना सहारा।

श्री कृष्ण, तुम हो एकमात्र हमारा॥

25. लोभ-भय से मन को बचाना।

सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥

26. घर-आंगन में मंगल लाना।

दीन जनों को गले लगाना॥

27. बुद्धि, बल और धीरज देना।

अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥

28. दुख में रखना मन को स्थिर।

सुख में रखना भाव समुचित॥

29. जिनके जीवन में है अँधियारा।

उनके लिए बनो तुम तारा॥

30. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।

सेवा से हो पंथ उजियारा॥

31. श्री कृष्ण, नीति के दाता।

मन में जगाओ शुभ विचार॥

32. तेरे स्मरण से आनंद जागे।

जीवन के तम सब दूर भागे॥

33. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।

प्रेम का दीप हृदय में धारूँ॥

34. कर्म-पथ पर देना सहारा।

श्री कृष्ण, तुम हो एकमात्र हमारा॥

35. लोभ-भय से मन को बचाना।

सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥

36. घर-आंगन में मंगल लाना।

दीन जनों को गले लगाना॥

37. बुद्धि, बल और धीरज देना।

अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥

38. दुख में रखना मन को स्थिर।

सुख में रखना भाव समुचित॥

39. जिनके जीवन में है अँधियारा।

उनके लिए बनो तुम तारा॥

40. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।

सेवा से हो पंथ उजियारा॥

तन-मन-वचन सुधरें सभी, रहे सरल व्यवहार।

श्री कृष्ण, चरणों में अर्पित यह, मेरा छोटा प्यार॥

यह Bharat Metro Locator के लिए लिखी गई मौलिक भक्ति-रचना है। यह किसी पारंपरिक या सर्वमान्य चालीसा का दावा नहीं करती; पाठक अपने परिवार, मंदिर या गुरु की प्रमाणित परंपरा को प्राथमिकता दें।
Meaning

What this prayer remembers

Krishna aarti celebrates loving remembrance, playfulness joined with wisdom and the discipline of living one’s duty with grace.

Simple puja vidhi

How to read the aarti

Offer tulsi leaves where appropriate, sing softly or together, and finish by carrying the same kindness into ordinary work.

  1. Prepare a clean, calm place and light a diya safely.
  2. Take a breath, remember the deity and recite the traditional opening with attention.
  3. Close with gratitude and carry one value from the prayer into the day.
When to read

Aarti for the right moment

Use this aarti during Janmashtami, daily Krishna puja and devotional singing with family or community.

Common questions
What is the traditional aarti for Krishna Ji?

Aarti Kunj Bihari Ki is the traditional aarti title most commonly associated with this devotional form. Regional families may sing a different local version.

When should I read Krishna Ji Ki Aarti?

Use this aarti during Janmashtami, daily Krishna puja and devotional singing with family or community.

What is the meaning of Krishna Ji Ki Aarti?

Krishna aarti celebrates loving remembrance, playfulness joined with wisdom and the discipline of living one’s duty with grace.