Sai Baba Ki Aarti
Sai Baba ki aarti is a traditional devotional prayer centred on साईं बाबा. This page keeps the canonical aarti name, its opening line, meaning and a respectful daily practice together for devotees and families.
A quiet space for prayer, gratitude and remembranceAarti Shri Sai Guruvar Ki
आरती श्री साईं गुरु वर की
यहाँ पारंपरिक शीर्षक, प्रचलित मुखड़ा और एक प्रचलित मंत्र/लघु-आवाहन का संदर्भ दिया गया है। पूर्ण पाठ और मंत्र-पाठ परिवार, मंदिर, संप्रदाय और क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार बदल सकते हैं।साईं बाबा मंत्र
ॐ साईं राम
साफ और शांत स्थान पर अपनी श्रद्धा के अनुसार 11, 21 या 108 बार जप करें।साईं बाबा के लिए मौलिक 40-पद भक्ति रचना
साईं बाबा का स्मरण कर, मन में जागे प्रकाश।
भक्ति, सेवा, सत्य से, जीवन हो उल्लास॥
करुणा की छाया मिले, दृढ़ हो मेरा मान।
मंगल पथ पर साथ दो, स्वीकारो यह गान॥
1. साईं बाबा, श्रद्धा के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
2. तेरे स्मरण से सबूरी जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
3. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
सेवा का दीप हृदय में धारूँ॥
4. कर्म-पथ पर देना सहारा।
साईं बाबा, तुम हो एकमात्र हमारा॥
5. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
6. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
7. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
8. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
9. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
10. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
11. साईं बाबा, सेवा के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
12. तेरे स्मरण से समता जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
13. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
श्रद्धा का दीप हृदय में धारूँ॥
14. कर्म-पथ पर देना सहारा।
साईं बाबा, तुम हो एकमात्र हमारा॥
15. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
16. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
17. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
18. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
19. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
20. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
21. साईं बाबा, श्रद्धा के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
22. तेरे स्मरण से सबूरी जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
23. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
सेवा का दीप हृदय में धारूँ॥
24. कर्म-पथ पर देना सहारा।
साईं बाबा, तुम हो एकमात्र हमारा॥
25. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
26. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
27. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
28. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
29. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
30. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
31. साईं बाबा, सेवा के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
32. तेरे स्मरण से समता जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
33. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
श्रद्धा का दीप हृदय में धारूँ॥
34. कर्म-पथ पर देना सहारा।
साईं बाबा, तुम हो एकमात्र हमारा॥
35. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
36. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
37. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
38. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
39. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
40. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
तन-मन-वचन सुधरें सभी, रहे सरल व्यवहार।
साईं बाबा, चरणों में अर्पित यह, मेरा छोटा प्यार॥
What this prayer remembers
The aarti remembers compassion, equality, faith and patience, with service to people treated as a central form of worship.
How to read the aarti
Offer a simple lamp and water, recite with faith rather than display, and choose one patient or generous action afterward.
- Prepare a clean, calm place and light a diya safely.
- Take a breath, remember the deity and recite the traditional opening with attention.
- Close with gratitude and carry one value from the prayer into the day.
Aarti for the right moment
A popular Thursday and evening prayer for devotees who follow Sai Baba’s message of faith, patience and service.
What is the traditional aarti for Sai Baba?
Aarti Shri Sai Guruvar Ki is the traditional aarti title most commonly associated with this devotional form. Regional families may sing a different local version.
When should I read Sai Baba Ki Aarti?
A popular Thursday and evening prayer for devotees who follow Sai Baba’s message of faith, patience and service.
What is the meaning of Sai Baba Ki Aarti?
The aarti remembers compassion, equality, faith and patience, with service to people treated as a central form of worship.