Tulsi Mata Ki Aarti
Tulsi Mata ki aarti is a traditional devotional prayer centred on तुलसी माता. This page keeps the canonical aarti name, its opening line, meaning and a respectful daily practice together for devotees and families.
A quiet space for prayer, gratitude and remembranceJai Jai Tulsi Mata
जय जय तुलसी माता, सबकी सुखदाता वर माता
यहाँ पारंपरिक शीर्षक, प्रचलित मुखड़ा और एक प्रचलित मंत्र/लघु-आवाहन का संदर्भ दिया गया है। पूर्ण पाठ और मंत्र-पाठ परिवार, मंदिर, संप्रदाय और क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार बदल सकते हैं।तुलसी माता मंत्र
ॐ तुलस्यै नमः
साफ और शांत स्थान पर अपनी श्रद्धा के अनुसार 11, 21 या 108 बार जप करें।तुलसी माता के लिए मौलिक 40-पद भक्ति रचना
तुलसी माता का स्मरण कर, मन में जागे प्रकाश।
भक्ति, सेवा, सत्य से, जीवन हो उल्लास॥
करुणा की छाया मिले, दृढ़ हो मेरा मान।
मंगल पथ पर साथ दो, स्वीकारो यह गान॥
1. तुलसी माता, पवित्रता के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
2. तेरे स्मरण से हरियाली जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
3. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
सेवा का दीप हृदय में धारूँ॥
4. कर्म-पथ पर देना सहारा।
तुलसी माता, तुम हो एकमात्र हमारा॥
5. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
6. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
7. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
8. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
9. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
10. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
11. तुलसी माता, सेवा के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
12. तेरे स्मरण से सादगी जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
13. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
पवित्रता का दीप हृदय में धारूँ॥
14. कर्म-पथ पर देना सहारा।
तुलसी माता, तुम हो एकमात्र हमारा॥
15. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
16. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
17. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
18. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
19. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
20. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
21. तुलसी माता, पवित्रता के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
22. तेरे स्मरण से हरियाली जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
23. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
सेवा का दीप हृदय में धारूँ॥
24. कर्म-पथ पर देना सहारा।
तुलसी माता, तुम हो एकमात्र हमारा॥
25. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
26. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
27. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
28. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
29. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
30. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
31. तुलसी माता, सेवा के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
32. तेरे स्मरण से सादगी जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
33. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
पवित्रता का दीप हृदय में धारूँ॥
34. कर्म-पथ पर देना सहारा।
तुलसी माता, तुम हो एकमात्र हमारा॥
35. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
36. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
37. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
38. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
39. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
40. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
तन-मन-वचन सुधरें सभी, रहे सरल व्यवहार।
तुलसी माता, चरणों में अर्पित यह, मेरा छोटा प्यार॥
What this prayer remembers
Tulsi worship joins devotion with care for a living plant, household health and a simple daily rhythm.
How to read the aarti
Keep the plant healthy, offer a lamp respectfully and avoid plucking leaves at times prohibited by your tradition.
- Prepare a clean, calm place and light a diya safely.
- Take a breath, remember the deity and recite the traditional opening with attention.
- Close with gratitude and carry one value from the prayer into the day.
Aarti for the right moment
Read during daily household worship, Tulsi Vivah and evening lamp lighting near the Tulsi plant.
What is the traditional aarti for Tulsi Mata?
Jai Jai Tulsi Mata is the traditional aarti title most commonly associated with this devotional form. Regional families may sing a different local version.
When should I read Tulsi Mata Ki Aarti?
Read during daily household worship, Tulsi Vivah and evening lamp lighting near the Tulsi plant.
What is the meaning of Tulsi Mata Ki Aarti?
Tulsi worship joins devotion with care for a living plant, household health and a simple daily rhythm.