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भगवान विष्णु50,000 monthly searches

Vishnu Ji Ki Aarti

Vishnu Ji ki aarti is a traditional devotional prayer centred on भगवान विष्णु. This page keeps the canonical aarti name, its opening line, meaning and a respectful daily practice together for devotees and families.

JagdishNarayanHari
Devotional artwork for Vishnu Ji aartiA quiet space for prayer, gratitude and remembrance
Famous traditional aartiTitle + opening

Om Jai Jagdish Hare

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे

यहाँ पारंपरिक शीर्षक, प्रचलित मुखड़ा और एक प्रचलित मंत्र/लघु-आवाहन का संदर्भ दिया गया है। पूर्ण पाठ और मंत्र-पाठ परिवार, मंदिर, संप्रदाय और क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार बदल सकते हैं।
Mantra

श्री विष्णु मंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

साफ और शांत स्थान पर अपनी श्रद्धा के अनुसार 11, 21 या 108 बार जप करें।
Chalisa / भक्ति रचनाOriginal composition

श्री विष्णु के लिए मौलिक 40-पद भक्ति रचना

श्री विष्णु का स्मरण कर, मन में जागे प्रकाश।

भक्ति, सेवा, सत्य से, जीवन हो उल्लास॥

करुणा की छाया मिले, दृढ़ हो मेरा मान।

मंगल पथ पर साथ दो, स्वीकारो यह गान॥

1. श्री विष्णु, पालन के दाता।

मन में जगाओ शुभ विचार॥

2. तेरे स्मरण से धर्म जागे।

जीवन के तम सब दूर भागे॥

3. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।

संतुलन का दीप हृदय में धारूँ॥

4. कर्म-पथ पर देना सहारा।

श्री विष्णु, तुम हो एकमात्र हमारा॥

5. लोभ-भय से मन को बचाना।

सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥

6. घर-आंगन में मंगल लाना।

दीन जनों को गले लगाना॥

7. बुद्धि, बल और धीरज देना।

अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥

8. दुख में रखना मन को स्थिर।

सुख में रखना भाव समुचित॥

9. जिनके जीवन में है अँधियारा।

उनके लिए बनो तुम तारा॥

10. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।

सेवा से हो पंथ उजियारा॥

11. श्री विष्णु, संतुलन के दाता।

मन में जगाओ शुभ विचार॥

12. तेरे स्मरण से विश्वास जागे।

जीवन के तम सब दूर भागे॥

13. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।

पालन का दीप हृदय में धारूँ॥

14. कर्म-पथ पर देना सहारा।

श्री विष्णु, तुम हो एकमात्र हमारा॥

15. लोभ-भय से मन को बचाना।

सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥

16. घर-आंगन में मंगल लाना।

दीन जनों को गले लगाना॥

17. बुद्धि, बल और धीरज देना।

अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥

18. दुख में रखना मन को स्थिर।

सुख में रखना भाव समुचित॥

19. जिनके जीवन में है अँधियारा।

उनके लिए बनो तुम तारा॥

20. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।

सेवा से हो पंथ उजियारा॥

21. श्री विष्णु, पालन के दाता।

मन में जगाओ शुभ विचार॥

22. तेरे स्मरण से धर्म जागे।

जीवन के तम सब दूर भागे॥

23. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।

संतुलन का दीप हृदय में धारूँ॥

24. कर्म-पथ पर देना सहारा।

श्री विष्णु, तुम हो एकमात्र हमारा॥

25. लोभ-भय से मन को बचाना।

सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥

26. घर-आंगन में मंगल लाना।

दीन जनों को गले लगाना॥

27. बुद्धि, बल और धीरज देना।

अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥

28. दुख में रखना मन को स्थिर।

सुख में रखना भाव समुचित॥

29. जिनके जीवन में है अँधियारा।

उनके लिए बनो तुम तारा॥

30. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।

सेवा से हो पंथ उजियारा॥

31. श्री विष्णु, संतुलन के दाता।

मन में जगाओ शुभ विचार॥

32. तेरे स्मरण से विश्वास जागे।

जीवन के तम सब दूर भागे॥

33. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।

पालन का दीप हृदय में धारूँ॥

34. कर्म-पथ पर देना सहारा।

श्री विष्णु, तुम हो एकमात्र हमारा॥

35. लोभ-भय से मन को बचाना।

सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥

36. घर-आंगन में मंगल लाना।

दीन जनों को गले लगाना॥

37. बुद्धि, बल और धीरज देना।

अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥

38. दुख में रखना मन को स्थिर।

सुख में रखना भाव समुचित॥

39. जिनके जीवन में है अँधियारा।

उनके लिए बनो तुम तारा॥

40. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।

सेवा से हो पंथ उजियारा॥

तन-मन-वचन सुधरें सभी, रहे सरल व्यवहार।

श्री विष्णु, चरणों में अर्पित यह, मेरा छोटा प्यार॥

यह Bharat Metro Locator के लिए लिखी गई मौलिक भक्ति-रचना है। यह किसी पारंपरिक या सर्वमान्य चालीसा का दावा नहीं करती; पाठक अपने परिवार, मंदिर या गुरु की प्रमाणित परंपरा को प्राथमिकता दें।
Meaning

What this prayer remembers

The prayer asks for protection, ethical steadiness and the wisdom to recognise divine care in everyday responsibilities.

Simple puja vidhi

How to read the aarti

Light a lamp, keep the recitation unhurried, and close with gratitude for food, family, work and the wider community.

  1. Prepare a clean, calm place and light a diya safely.
  2. Take a breath, remember the deity and recite the traditional opening with attention.
  3. Close with gratitude and carry one value from the prayer into the day.
When to read

Aarti for the right moment

A familiar household prayer for evening worship, Vishnu puja and Satyanarayan observances.

Common questions
What is the traditional aarti for Vishnu Ji?

Om Jai Jagdish Hare is the traditional aarti title most commonly associated with this devotional form. Regional families may sing a different local version.

When should I read Vishnu Ji Ki Aarti?

A familiar household prayer for evening worship, Vishnu puja and Satyanarayan observances.

What is the meaning of Vishnu Ji Ki Aarti?

The prayer asks for protection, ethical steadiness and the wisdom to recognise divine care in everyday responsibilities.