Vishwakarma Bhagwan Ki Aarti
Vishwakarma Bhagwan ki aarti is a traditional devotional prayer centred on भगवान विश्वकर्मा. This page keeps the canonical aarti name, its opening line, meaning and a respectful daily practice together for devotees and families.
A quiet space for prayer, gratitude and remembranceShri Vishwakarma Ghara Avo
प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो, प्रभु विश्वकर्मा
यहाँ पारंपरिक शीर्षक, प्रचलित मुखड़ा और एक प्रचलित मंत्र/लघु-आवाहन का संदर्भ दिया गया है। पूर्ण पाठ और मंत्र-पाठ परिवार, मंदिर, संप्रदाय और क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार बदल सकते हैं।विश्वकर्मा भगवान मंत्र
ॐ विश्वकर्मणे नमः
साफ और शांत स्थान पर अपनी श्रद्धा के अनुसार 11, 21 या 108 बार जप करें।विश्वकर्मा भगवान के लिए मौलिक 40-पद भक्ति रचना
विश्वकर्मा भगवान का स्मरण कर, मन में जागे प्रकाश।
भक्ति, सेवा, सत्य से, जीवन हो उल्लास॥
करुणा की छाया मिले, दृढ़ हो मेरा मान।
मंगल पथ पर साथ दो, स्वीकारो यह गान॥
1. विश्वकर्मा भगवान, कौशल के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
2. तेरे स्मरण से सृजन जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
3. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
मेहनत का दीप हृदय में धारूँ॥
4. कर्म-पथ पर देना सहारा।
विश्वकर्मा भगवान, तुम हो एकमात्र हमारा॥
5. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
6. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
7. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
8. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
9. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
10. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
11. विश्वकर्मा भगवान, मेहनत के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
12. तेरे स्मरण से जिम्मेदारी जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
13. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
कौशल का दीप हृदय में धारूँ॥
14. कर्म-पथ पर देना सहारा।
विश्वकर्मा भगवान, तुम हो एकमात्र हमारा॥
15. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
16. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
17. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
18. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
19. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
20. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
21. विश्वकर्मा भगवान, कौशल के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
22. तेरे स्मरण से सृजन जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
23. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
मेहनत का दीप हृदय में धारूँ॥
24. कर्म-पथ पर देना सहारा।
विश्वकर्मा भगवान, तुम हो एकमात्र हमारा॥
25. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
26. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
27. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
28. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
29. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
30. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
31. विश्वकर्मा भगवान, मेहनत के दाता।
मन में जगाओ शुभ विचार॥
32. तेरे स्मरण से जिम्मेदारी जागे।
जीवन के तम सब दूर भागे॥
33. सच्चे मन से नाम पुकारूँ।
कौशल का दीप हृदय में धारूँ॥
34. कर्म-पथ पर देना सहारा।
विश्वकर्मा भगवान, तुम हो एकमात्र हमारा॥
35. लोभ-भय से मन को बचाना।
सत्य-सेवा का पाठ पढ़ाना॥
36. घर-आंगन में मंगल लाना।
दीन जनों को गले लगाना॥
37. बुद्धि, बल और धीरज देना।
अच्छे कर्मों का फल ही लेना॥
38. दुख में रखना मन को स्थिर।
सुख में रखना भाव समुचित॥
39. जिनके जीवन में है अँधियारा।
उनके लिए बनो तुम तारा॥
40. हर प्राणी में रूप तुम्हारा।
सेवा से हो पंथ उजियारा॥
तन-मन-वचन सुधरें सभी, रहे सरल व्यवहार।
विश्वकर्मा भगवान, चरणों में अर्पित यह, मेरा छोटा प्यार॥
What this prayer remembers
The prayer honours skill, design, tools, safe work and the dignity of building useful things for society.
How to read the aarti
Clean and respect tools, put safety first and dedicate the work to quality rather than speed alone.
- Prepare a clean, calm place and light a diya safely.
- Take a breath, remember the deity and recite the traditional opening with attention.
- Close with gratitude and carry one value from the prayer into the day.
Aarti for the right moment
A natural fit for Vishwakarma Puja, workshops, makers and people beginning a craft or construction project.
What is the traditional aarti for Vishwakarma Bhagwan?
Shri Vishwakarma Ghara Avo is the traditional aarti title most commonly associated with this devotional form. Regional families may sing a different local version.
When should I read Vishwakarma Bhagwan Ki Aarti?
A natural fit for Vishwakarma Puja, workshops, makers and people beginning a craft or construction project.
What is the meaning of Vishwakarma Bhagwan Ki Aarti?
The prayer honours skill, design, tools, safe work and the dignity of building useful things for society.